मैं कौन ?

मैं अमर कुमार हूँ, जिसको अपने पेशेगत विशिष्टता के चलते डाक्टर अमर कुमार के नाम से अधिक जाना  जाता है । शौकिया लेखन और कुछ स्वनामधन्य लेखकों के सानिध्य ने मुझे कुछ अधिक ही साहित्यप्रेमी बना दिया । मेरे पितामह भातृद्वय में अग्रज बाबू बिन्देश्वरी प्रसाद जी स्वतँत्रता आन्दोलन के चरण में गरम दल के सक्रिय कार्यकर्ता रहे, जबकि कनिष्ठ भ्राता बाबू नागेश्वर प्रसाद सिन्हा, यानि मेरे बाबा जी नरम दल के समर्थक मात्र रहे ।

मेरे बालमन पर अपने बड़े बाबा का सकल क्रिया कलाप बहुत ही रोमाँचक और रूमानियत से भरा लगता था । और.. उनकी व्यक्तिगत लाइब्रेरी में सेंध लगा कर मैंने बोल्शेविक क्राँति से लेकर स्वतँत्रोत्तर भारत तक का समस्त साहित्य बाँच लिया । बहुत कुछ समझा, कुछ नहीं भी समझा ।

सँप्रति, रायबरेली उत्तर प्रदेश में चिकित्सक के रूप में अपने निजी प्रैक्टिस में स्थापित हूँ । वस्तुतः मैं रायबरेली का मूल निवासी नहीं हूँ । मेरा सम्पूर्ण वंशवृक्ष उत्तरी बिहार के सुदूरवर्ती क्षेत्र कोसी एवं बूढ़ी गंडक के मध्य सीतामढ़ी क्षेत्र के आसपास विस्तृत है । मेरे स्व. पिता श्री जे०पी० श्रीवास्तव वाया मोकामा, कानपुर, बहराइच, मऊनाथ भंजन, वाराणसी विचरते हुये अपने कार्य के चलते यहीं ठहर कर रह गये । तकरीबन 30 वर्षों से यह मेरी भी कर्मभूमि है । बचपन में देखा करता कि एक आलीशान भवन में स्थित इंसाफ़-प्रेस को स्थानीय जन समुचित मान न देते थे । तब न जानता था, कि इसका रहस्य मेरे किताबों के बक्से में ही है , यह बाद में जाना । काकोरी से मेरा परिचय सड़क मार्ग से नैनीताल बरेली आते जाते कुछ पलों की झलक देखने का ही है । अब जबकि मैंनें अपने पैतृक जड़ों में लौटने का मन बना लिया है.. इस अंतर्जाल प्रकाशन के दौरान सहसा यह लगने लगा, कि क्या नियति ने मुझे इस शहर पर लगी कालिख़ को पोंछने के लिये ही रोक रखा था ?

इति निवारणम !

प्रस्तुतकर्ता

 

 

 प्रस्तुतकर्ता

डा० अमर कुमार

15 अगस्त 2009

रायबरेली,

3 टिप्पणियाँ »

RSS feed for comments on this post. TrackBack URI

  1. i feel you are great.
    jai hind.
    jai bharat varsh.

  2. I would like to share some details which my late mother told about the killing of Chandrashekhar Azad. She was an eye witness to the entire incident.
    Please contact me over email

  3. Respected Dr. Amar Kumar Ji!
    First of all I salute you whole heartedly for bringing out such a noble cause. I left the job in 2001 and till now I am dedicated to search of real facts. Would you please like to give a phone call. I am
    Dr. Krant M.L.Verma
    Mobile No. +919811851477


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

वर्डप्रेस (WordPress.com) पर एक स्वतंत्र वेबसाइट या ब्लॉग बनाएँ .
Entries और टिप्पणियाँ feeds.

%d bloggers like this: